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Tuesday, 28 August 2012

समाजवादी पार्टी की उ. प्र. सरकार को उसके द्वारा किये गए वादों को याद दिलाने के लिए वाराणसी के अधिवक्ताओं की बैठक :-

आज तिथि 28-08-2012 को दी सेंट्रल बार एसोसिएशन 'बनारस' वाराणसी के सभागार में प्रस्तावक क्रमश: श्री अंशुमान दुबे, श्री अशोक कुमार पाण्डेय, श्री भानु स्वरुप लाल उर्फ़ कुंदन, श्री संजय कुमार श्रीवास्तव, श्रीमती प्रतिमा पाण्डेय पर आहूत की गयी। उक्त आमसभा बैठक की अध्यक्षता दी सेंट्रल बार एसोसिएशन 'बनारस' वाराणसी के अध्यक्ष श्री अशोक सिंह 'दाढ़ी' ने की और संचालन महामंत्री श्री गोपाल जी पाठक ने किया।
बैठक की शुरुआत प्रस्तावक श्री अंशुमान दुबे ने सरकार के प्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर दिए अनाधिकारिक वक्तव्यों के ऊपर सदन का ध्यान आकृष्ट कराया और सदन को यह भी बताया की RTI  के अंतर्गत मांगे गए स्टाम्प बिक्री पिछले 6 वर्षों के और 47 जिलों के आकडे भी प्रस्तुत किये। जिसमें सरकार को कोर्ट स्टाम्प से 196 करोड़, गैर न्यायिक स्टाम्प  से 17975 करोड़, अधिवक्ता कल्याण टिकट से 15 करोड़ तथा नोटरी टिकट से 52 करोड़ की आय हुई है। 
अन्य अधिवक्ताओं ने भी प्रस्ताव के समर्थन में अपने विचार सदन के समक्ष रखे जिसमें मुख्य रूप से श्री इन्द्र पाल सिंह, श्री मुरलीधर सिंह, ओम शंकर श्रीवास्तव, श्री दशरथ प्रसाद, आदि थे। 
बैठक में और भी वक्ताओं के विचार आने है, इसलिए आज की बैठक को तिथि 31-08-2012 के लिए स्थगित कर दिया गया है और बैठक पुन: तिथि 31-08-2012 दिन शुक्रवार को अपराहन 01:30 बजे  आहूत की गयी है। उक्त व्यवस्था अध्यक्ष श्री अशोक सिंह 'दाढ़ी' ने बैठक में दी।
 बैठक के छायाचित्र 










 

Friday, 24 August 2012

समाजवादी पार्टी की उ. प्र. सरकार को उसके द्वारा किये गए वादों को याद दिलाने के लिए वाराणसी के अधिवक्ताओं का प्रस्ताव व बैठक :-

समाजवादी पार्टी की वर्त्तमान उत्तर प्रदेश सरकार को उसके द्वारा किये गए वादों को याद दिलाने के लिए वाराणसी के अधिवक्ताओं का प्रस्ताव, जिसपर तिथि 28-08-2012 को दी सेंट्रल बार एसोसिएशन 'बनारस' वाराणसी के सभागार में तिथि 28-08-2012, दिन मंगलवार, समय अपराहन 01:30 बजे बैठक आहूत की गयी है।

उक्त प्रस्ताव के सभी प्रस्तावक के संस्थापक सदस्य क्रमश: श्री अशोक कुमार पाण्डेय (संयोजक), श्री भानु स्वरुप लाल उर्फ़ कुंदन (उपाध्यक्ष), श्री संजय कुमार श्रीवास्तव (प्रबंध समिति सदस्य व प्रचारक), श्री अंशुमान दुबे (वित्त सचिव/ क.सचिव), श्रीमती प्रतिमा पाण्डेय (प्रबंध समिति सदस्य व प्रचारक) थे और प्रस्ताव के समर्थन में तिथि 18-08-2012 से 23-08-2012 के मध्य 447 अधिवक्ताओं ने अपने हस्ताक्षर बनाये।
 
प्रस्ताव की प्रति और बैठक की सूचना निम्न है :-





समाजवादी पार्टी द्वारा किये गए वादों की प्रति निम्न है :-

उत्तर प्रदेश की वर्त्तमान सरकार के प्रथम बजट में अधिवक्ताओं के लिए प्रस्तावित राशि की प्रति निम्न है :-


Sunday, 19 August 2012

..और फाइलों में ही रह गया सुरक्षा प्लान.....विकास बागी वाराणसी

और फाइलों में ही रह गया सुरक्षा प्लान - विकास बागी वाराणसी:
आतंक का नग्न तांडव देख चुके पुलिस-प्रशासन को शायद अब भी किसी हादसे का इंतजार है। पुलिस की आलमारी में पांच साल से बंद फाइल तो कम से कम यही बता रही है। सुरक्षा के नाम पर दूसरी व्यवस्था की बात तो दूर, अब तक कचहरी क्षेत्र में एक अदद क्लोज सर्किट कैमरा भी नहीं लगाया जा सका है। कलेक्ट्रेट व कचहरी में 23 नवंबर 2007 को हुए आतंकी विस्फोट के बाद सुरक्षा- व्यवस्था के लिए एक फूलप्रूफ प्लान बनाया गया। काशीवासियों को भरोसा दिलाया गया कि अब ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी। राजनेताओं की तरह पुलिस भी लोगों को वादों का झुनझुना व मीडिया को अपनी योजनाओं का पिटारा थमाकर रात गई, बात गई वाले अंदाज में चुप बैठ गई। सीओ ने बनाई थी योजना कचहरी में धमाके के बाद आला अफसरों ने सिक्योरिटी प्लान के लिए तत्कालीन सीओ संसार सिंह को कमान सौंपी। सुरक्षा बिंदुओं की बारीकी से जांच के बाद 4 दिसंबर 2007 को सीओ कैंट ने एसएसपी से लगायत पुलिस व प्रशासन के आला अफसरों को प्लान सौंपा। क्या थी योजना : सुरक्षा के लिहाज से कचहरी व कलेक्ट्रेट के 8 में से 4 गेट स्थाई रूप से बंद होने थे। यह जिला पंचायत, विकास भवन के बगल वाला, साइकिल स्टैंड के बगल से कचहरी जाने वाला और सैनिक कल्याण बोर्ड का गेट था। सीजेएम गेट व कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार को हाइड्रोलिक गेट बनाना और वहां एक एसआई, चार कांस्टेबिल, डेढ़ सेक्शन पीएसी व डीएफएमडी व स्पीड ब्रेकर बनना था। अफसर ने अपने प्लान में साफ लिखा कि संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों गेट के समीप कंट्रोल रूम बनाने के साथ एक्सरे मशीन लगाई जाए। कचहरी पुलिस चौकी व फास्ट ट्रैक कोर्ट वाले गेट से सिर्फ पैदल लोगों को आने-जाने दिया जाए। डीएफएमडी के साथ प्रत्येक गेट पर 1 एसआई, 4 पुरुष व 2 महिला कांस्टेबिल नियुक्त किए जाने की बात कही गई। कचहरी व कलेक्ट्रेट परिसर में चेकिंग के लिए सादी वर्दी में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के लिए लिखा। गोलघर चौराहा, सर्किट हाउस, विकास भवन के सामने, कचहरी व कलेक्ट्रेट परिसर में कुल 12 स्थानों पर क्लोज सर्किट कैमरा लगवाने की आवश्यकता जताई। परिसर में एक कंट्रोल रूम, बैरक, रेडियो संचार पुलिस व्यवस्था व कैंटीन खोला जाना था। परिसर के लिए अलग से बम व डाग स्क्वाएड की तैनाती के साथ चहारदीवारी को पांच फीट ऊंचा करने के बाद तीन फीट तक कंटीले तारों से घेरना था। शाम 6 से सुबह 9 बजे तक सभी प्रवेशद्वार बंद रखना था। आज के हालात, सब टांय-टांय फिस्स : कचहरी व कलेक्ट्रेट परिसर की सुरक्षा के लिहाज से यह फूलप्रूफ प्लान था। आला अफसरों ने पास भी कर दिया लेकिन आदतन कागजी घोड़ा दौड़ाने के बाद सभी जिम्मेदार लोग दफ्तरों में चुपचाप बैठ गए। अभी तक फाइल में दर्ज एक भी प्लान पर अमल नहीं हुआ। हाइड्रोलिक गेट लगा और न कोई कंट्रोल रूम स्थापित हुआ। चेकिंग का आलम यह है कि अधिकतर गेट पर लगे डीएफएमडी शोपीस के अलावा कुछ नहीं। सुरक्षाकर्मियों का ध्यान आने-जाने वालों पर कम बगल के ठेले वालों पर अधिक रहता है। दिन-रात परिसर के सभी गेट खुले रहते हैं। रात में जुआरी और शराबियों का मजमा रहता है लेकिन कोई पूछने वाला नहीं। ऐसे ही हालात में एक और 15 अगस्त आकर गुजर जाएगा, थोड़ी हलचल होगी और सब कुछ फिर शांत हो जाएगा।
Print on 14-08-2012, Varanasi Edition, Page No.4
Thanks to Shri Vikas Bagi, Varanasi and Dainik Jagran for this news. We're appreciate your efforts. 

Wednesday, 15 August 2012

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें...!!!


15th August :-Happy Independence Day...!!! 
१५ अगस्त :- स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें...!!!  
"अधिवक्ता पेंशन विकास समिति" सभी सम्मानित सदस्यों एवं सभी सम्मानित अधिवक्ताओं और इस ब्लॉग के सुधी पाठकों को "स्वतंत्रता दिवस" की हार्दिक शुभकामनाएं देता है।

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें...!!!


Thursday, 12 July 2012

Lawyers of Varanasi opposed the Higher Education and Research Bill 2011 in front of DM Office, Varanasi :-

Lawyers of Varanasi opposed the Higher Education and Research Bill 2011 in front of D.M. Office and burn the copies of the said bill. This program of protest was passed in CBA & BBA Joint General body meeting held on 09-07-2012 at The Central Bar Association 'Banaras' (CBA) Hall. Meeting was called by Mr. Gopaljee Pathak, Secretary of CBA on the proposal of Mr. Anshuman Dubey [Vice-President, The Benaras Bar Association, Varanasi (BBA)] and ordered by Mr. Ashok Singh, President of CBA.



Wednesday, 11 July 2012

BCI planning for the Renewal of Advocates :-

Bar Council of India (BCI) is planning to do Renewal the licenses of the advocate's after every five years with the fee of Rs.600/-. Many of the advocates' are welcome the proposal of the BCI but maximum advocate's are opposing the plan of BCI at Varanasi.




Saturday, 7 July 2012

Lawyers of India oppose the Higher Education and Research Bill 2011 :-

Bar Council of India  has strongly condemned the government’s stand on the Higher Education and Research Bill 2011 (HER Bill 2011) and has decided to oppose the same till the HRD Ministry does not exclude ‘the legal education’ and the ‘Advocates Act, 1961′ from the purview of all these anti people Bills.




Monday, 2 July 2012

स.पा. और भा.ज.पा. दोनों ही दल हमारी समिति की मांगो से सहमत :-

भा.ज.पा. के विधान परिषद् सदस्य श्री विनोद पाण्डेय के द्वारा किये गए सवाल के जवाब में उत्तर प्रदेश सरकार ने सदन के पटल पर घोषणा किया है की वह अपने इस कार्यकाल में अधिवक्ता हित की कई योजनाएं संचालित करेगी। 
       जिस सम्बन्ध में समाचार हिंदी समाचार पत्र दैनिक जागरण तिथि 30-06-2012 के पृष्ठ सं. 15 पर प्रकाशित है।
       उक्त मांगे "अधिवक्ता पेंशन विकास समिति" के द्वारा अधिवक्ता हितो के लिए की गयी मांगो के ही अनुरूप है (¤ Movement for Advocate Pension (Welfare) Scheme ¤ Movement for U.P.Advocate Welfare Trustee Fund ¤ Movement for Stipend for New Advocates') अर्थात स.पा. और भा.ज.पा. दोनों ही दल हमारी समिति की मांगो से सहमत हैं। दोनों ही पार्टियों के विधानसभा चुनाव घोषणा पत्र 2012 में भी उक्त मांगो व योजनाओं का उलेख था।
        पूर्व में भी वाराणसी दक्षिणी के विधायक श्री श्यामदेव राय चौधरी ने उक्त मांगो को विधान सभा में उठाया था। 
  1. अधिवक्ता पेंशन की मांग उत्तर प्रदेश विधान सभा में :-
  2. मा. विधायक जी आपका आभार की आपने उत्तर प्रदेश विधान सभा में अधिवक्ता पेंशन की मांग उठाई :- 
  3. उत्तर प्रदेश सरकार ने अधिवक्ता पेंशन (कल्याणकारी) योजना का प्रारूप उत्तर प्रदेश बार कौंसिल को भेजा || The Government of Uttar Pradesh send the copy of Advocate Pension (Welfare) Scheme to Bar Council of Uttar Pradesh :- 

अधिवक्ता पेंशन विकास समिति की मांगो पर समाजवादी पार्टी की सरकार सहमत :- 

http://advocatepension.blogspot.in/2012/06/blog-post_24.html 


राजद्रोह का अपराध क्या है?

Link:-
http://teesarakhamba.blogspot.com/2010/12/blog-post_28.html

Thnaks to तीसरा खंबा : राजद्रोह का अपराध क्या है?

Our Aim

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The Times of India, Kapur : News on Advocate Pension Scheme

The Bihar State Bar Council Advocates' (Welfare) Pension Scheme, 2008