|| समृद्ध अधिवक्ता : समृद्ध समाज || By Adhivakta Pension Vikas Samiti, Varanasi
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Saturday, 14 December 2013
Tuesday, 3 December 2013
Happy Advocates' Day || अधिवक्ता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ.....
अधिवक्ता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। आज के शुभ अवसर पर हमारी समिति स्वतंत्र भारत के पहले राष्ट्रपति “भारत रत्न” डॉ.राजेन्द्र प्रसाद को शत: शत नमन करती है |स्वतंत्र भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ.राजेन्द्र प्रसाद का जीवन-परिचय:- 26 जनवरी, 1950 को जब भारत को संविधान के रूप में एक गणतंत्र राष्ट्र का दर्जा दिया गया उसी दिन डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के रूप में स्वतंत्र भारत को पहला राष्ट्रपति भी प्राप्त हुआ. राजेन्द्र प्रसाद का जन्म 3 दिसंबर, 1884 को बिहार के एक छोटे से गांव जीरादेई में हुआ था. यह वो समय था जब धर्म के नाम पर भेदभाव जैसी व्यवस्थाएं समाज से पूरी तरह विलुप्त थीं. राजेंद्र जी के भी कई सारे मित्र मुसलमान थे जो उनके साथ मिलकर होली खेलते थे और हिन्दू मुहर्रम वाले दिन ताजिए निकालते थे. एक बड़े संयुक्त परिवार के सबसे छोटे सदस्य होने के कारण इनका बचपन बहुत प्यार और दुलार से बीता. संयुक्त परिवार होने के कारण पारिवारिक सदस्यों के आपसी संबंध बेहद मधुर और गहरे थे. इनके पिता का नाम महादेव सहाय था. डॉ राजेंद्र प्रसाद की प्रारंभिक शिक्षा उन्हीं के गांव जीरादेई में हुई. उस समय यह रिवाज था कि शिक्षा का आरंभ फारसी भाषा से ही किया जाएगा. इसीलिए राजेंद्र प्रसाद और उनके चचेरे भाइयों को पढ़ाने एक मौलवी आते थे. पढ़ाई की तरफ इनका रुझान बचपन से ही था. बाल-विवाह की परंपरा का अनुसरण करते हुए मात्र 12 वर्ष की आयु में इनका विवाह राजवंशी देवी से संपन्न हुआ. राजेंद्र प्रसाद ने अपने लगातार खराब रहने वाले स्वास्थ्य क असर अपनी पढ़ाई पर नहीं पड़ने दिया. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने कलकत्ता विश्विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में पहला स्थान प्राप्त किया. उन्हें 30 रूपए महीने की छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई. जीरादेई गांव से पहली बार किसी युवक ने कलकत्ता विश्विद्यालय में प्रवेश पाने में सफलता प्राप्त की थी जो निश्चित ही राजेंद्र प्रसाद और उनके परिवार के लिए गर्व की बात थी. सन 1902 में उन्होंने कलकत्ता प्रेसिडेंसी कॉलेज में प्रवेश लिया. सन 1915 में कानून में मास्टर की डिग्री में विशिष्टता पाने के लिए राजेन्द्र प्रसाद को सोने का मेडल मिला. इसके बाद उन्होंने कानून में डॉक्टरेट की उपाधि भी प्राप्त की.
डॉ. राजेंद्र प्रसाद का व्यक्तित्व
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का जन्म उस काल में हुआ जब ब्रिटिश साम्राज्यवाद पूरी तरह अपने पांव पसार चुका था. खाने-पीने, कपड़े पहनने से लेकर लगभग हर क्षेत्र में ब्रिटिश छाप महसूस की जा सकती थी. लेकिन राजेंद्र प्रसाद परंपरा के अनुसार हमेशा धोती-कुर्ता और सर पर टोपी पहनते थे. वह एक विद्वान और प्रतिभाशाली पुरुष थे. संयुक्त परिवार में सबसे छोटे होने के कारण राजेंद्र प्रसाद का बचपन बहुत दुलार से बीता था. वह एक दृढ़ निश्चयी और उदार दृष्टिकोण वाले व्यक्ति थे. कायस्थ परिवार से संबंधित होने के कारण राजेंद्र प्रसाद थोड़े रूढिवादी विचारधारा वाले थे. उन्होंने स्वयं स्वीकार किया था कि वह ब्राह्मण के अलावा किसी और का छुआ भोजन तक नहीं खाते थे. उन्होंने अपना यह व्यवहार गांधी जी के संपर्क में आने के बाद छोड़ा था.
राजेंद्र प्रसाद की विशिष्ट उपलब्धियां
- डॉ राजेन्द्र प्रसाद भारत के एकमात्र राष्ट्रपति थे, जिन्होंने लगातार दो बार राष्ट्रपति का पद प्राप्त किया.
- राष्ट्रपति के पद पर रहते हुए राजेन्द्र प्रसाद ने सद्भावना के उद्देश्य से कई देशों की यात्राएं भी कीं. उन्होंने इस आण्विक युग में शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया.
राजेंद्र प्रसाद को दिए गए सम्मान
सन 1962 में अपने राजनैतिक और सामाजिक योगदान के लिए उन्हें भारत के सर्वश्रेष्ठ नागरिक सम्मान “भारत रत्न” से नवाजा गया.
राजेन्द्र प्रसाद का निधन
राजनीति से सन्यास लेने के बाद राजेन्द्र प्रसाद ने अपना जीवन पटना के निकट एक आश्रम में बिताया जहां 28 फरवरी, 1963 को उनका निधन हो गया.
Friday, 31 August 2012
वाराणसी के अधिवक्ता मुख्यमंत्री को भेजेंगे उनके वादों को पूरा करने का मांग पत्र :-
प्रस्ताव :- "उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अधिवक्ताओं से किये गये पाँचों वादों को पूरा करने के लिए" पर आहूत की गयी बैठक तिथि 28-08-2012 व 31-08-2012 सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
आज तिथि 31-08-2012 को स्थगित बैठक 28-08-2012 की कार्यवाही पुन: शुरू किया गया और सर्वप्रथम प्रस्तावक श्री अंशुमान दुबे ने तिथि 28-08-2012 की बैठक के विषय में सदस्यों को बताया। ततपश्चात सम्मानित अधिवक्ता बंधुओं क्रमश: श्री मान बहादुर सिंह, श्री हरीशंकर पाठक, श्री अशोक कुमार सिंह, श्री श्रीनिवास मिश्र, श्री राम मूरत सिंह यादव, श्री निसार अहमद, श्री राम राजीव सिंह, श्री सत्य नारायण द्विवेदी आदि ने अपने विचार सदन के पटल पर रखे। बैठक के अंत में प्रस्तावकगण ने सदस्यओं के विचार व संशोधन को स्वीकार करते हुए संशोधित प्रस्ताव अध्यक्ष श्री अशोक सिंह 'दाढ़ी' व सदस्यओं के समक्ष रखा जिसे अध्यक्ष जी ने सहर्ष स्वीकार करते हुए पारित कर दिया।
पारित प्रस्ताव की प्रेस विज्ञप्ति निम्न है:-
बैठक के छायाचित्र
Wednesday, 7 March 2012
Thursday, 26 January 2012
Happy Republic Day of India || गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें
26-January-2012
Happy Republic Day of India...!!!
२६ जनवरी २०१२
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें...!!!
"अधिवक्ता पेंशन विकास समिति परिवार" सभी सम्मानित सदस्यों व अधिवक्ता बंधुओ को और इस ब्लॉग के सुधी पाठकों को "गणतंत्र दिवस-2012" की हार्दिक शुभकामनाएं देता है।
कृपया हमारे भारत की सबसे बड़ी बीमारी "भ्रष्टाचार" को खत्म करने का प्रयास करे, ताकि भारत दुनिया का सबसे अच्छा मुल्क बन सके ।
!! जय भारत प्रेम !!
Sunday, 11 December 2011
Tribute to Shri Mahendra Singh, Ex-President & Member of Bar Council of Uttar Pradesh
Adhivakta Pension Vikas Samiti & all it's members pay their tribute to Respected (Late) Shri Mahendra Singh (Advocate), who is also Ex-President and Member of Bar Council of Uttar Pradesh died on 10-12-2012 at Sir Sundar Lal Hospital, BHU, Varanasi at the Age of 75years.
He contributes lot for the welfare of advocate’s. May God provide peace and harmony to deceased soul of Shri Mahendra Singh.
Saturday, 3 December 2011
Tuesday, 29 November 2011
Wednesday, 26 October 2011
Monday, 24 October 2011
सूचना || अपील
सूचना || अपील
हमारी समिति के संस्थापक व वित्त सचिव तथा वर्त्तमान में सचिव का कार्यभार संभाल रहे श्री अंशुमान दुबे (अधिवक्ता) आगामी दी बनारस बार एसोसिएशन, वाराणसी (बी.बी.ए.) के वार्षिक चुनाव वर्ष - 2012 में कनिष्ठ उपाध्यक्ष (10 वर्ष से कम) पद पर अपनी उम्मीदवारी आप सब के सम्मुख रखने वाले हैं...!!!
अगर आप समस्त सम्मानित अधिवक्ता बंधु उनके कार्य व अधिवक्ता कल्याण के लिए किये गए कार्यो से संतुष्ट हो तो सोच-समझकर कर अपने मताधिकार का उपयोग करते हुए उनको उक्त चुनाव में विजयी बनाने का कष्ट करें |
सधन्यवाद्
निवेदक - समस्त सदस्यगण व पदाधिकारीगण
Sunday, 4 September 2011
लखीमपुर में अधिवक्ताओं की हत्या की निंदा :-
अधिवक्ता पेंशन विकास समिति लखीमपुर में अधिवक्ताओं की हत्या की निंदा करती है और उ.प्र.शासन से निम्न मांग करती है :-
- अधिवक्ताओं के हत्यारों की तुरंत गिरफ्तारी की जाये |
- मृत अधिवक्ताओं के परिवार को उ.प्र.शासन रु.१० लाख की आर्थिक सहायता अविलंभ दे |
- उक्त हमले में घायल अधिवक्ताओं का मुफ्त इलाज हो |
- उक्त हमले की सी.बी.आई. द्वारा अथवा न्यायिक जाँच हो और दोषियों को त्वरित कार्यवाही करते हुए, दंडित किया जाये |
अंत में अधिवक्ता पेंशन विकास समिति व समिति के सभी सदस्य मृत अधिवक्ता श्री प्रदीप दीक्षित और श्री अरविन्द प्रकाश तिवारी उर्फ़ मुकुल तिवारी की हत्या पर शोक व्यक्त करते है |
Two lawyers killed in clash with Lekhpals in Kheri: LUCKNOW:
Link:- http://timesofindia.indiatimes.com/city/lucknow/Two-lawyers-killed-in-clash-with-lekhpals-in-Kheri/articleshow/9854697.cms
Monday, 27 December 2010
अधिवक्ता: हड़ताल करना बंध करे || Advocate: Please Stop the Strike
अधिवक्ता: हड़ताल करना बंध करे
Advocate: Please Stop the Strike
हमारी और आपकी समिति "अधिवक्ता पेंशन विकास समिति" ने माननीय हाई कोर्ट के निर्देश तिथि 22-12-2010 जो की समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार "अगले साल न हो कोर्ट का बहिष्कार" पर अमल पूर्व में ही शुरू कर दिया है | समिति ने तिथि 25-11-2010 को बिना हड़ताल के शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन वाराणसी कचहरी में आयोजित किया था , जिसमें माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार* को एक ज्ञापन** भी दिया गया था |
उक्त धरना - प्रदर्शन में सहयोग देने वाले सभी सम्मानित अधिवक्ता बंधुओ को धन्यवाद तथा बार संघो - बी.बी.ए. & सी.बी.ए. को हड़ताल/कोर्ट बहिष्कार नहीं करने के लिए कोटिशः धन्यवाद |
Link News: बिना हड़ताल के शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन वाराणसी कचहरी में हुआ || Without Strike Advocate's did Peaceful Agitation for Advocate Pension Scheme held in Varanasi Court........... http://advocatepension.blogspot.com/2010/11/new-development-in-varanasi-court.html
** http://advocatepension.blogspot.com/2010/11/25-11-2010_24.html
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Our Aim
Jai Bihar: News on Advocate Pension Scheme
The Times of India, Kapur : News on Advocate Pension Scheme
UP lawyers to get pension from New Year
Link of this news is:-
http://timesofindia.indiatimes.com/city/kanpur/UP-lawyers-to-get-pension-from-New-Year/articleshow/5297751.cms
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http://timesofindia.indiatimes.com/city/kanpur/UP-lawyers-to-get-pension-from-New-Year/articleshow/5297751.cms
The Bihar State Bar Council Advocates' (Welfare) Pension Scheme, 2008
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