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Thanks a lot for all your kind support & blessings...!!!
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Sunday, 1 February 2015

वकीलों ने आंदोलन की चेतावनी दी :-

लखनऊ (ब्यूरो)। वकीलों की कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में हीला हवाली करने को लेकर बार काउंसिल ने गांधी भवन में प्रदेश के बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें वकीलों के इलाज की व्यवस्था करने, मृत्यु पर पांच लाख रुपये देने, 40 करोड़ रुपये दिए जाने, पूर्ण रूप से सचिव नियुक्त करने तथा बार काउंसिल के अध्यक्ष को न्यायी समिति का अध्यक्ष बनाये जाने की मांग की। साथ ही मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
इस बैठक में शासन को प्रत्यावेदन देकर बताया गया कि सरकार ने 2012 में सत्तासीन होने के बाद प्रतिवर्ष 40 करोड़ रुपये अधिवक्ता कल्याण निधि न्यायी को दिए जाने, वकीलों का 5 लाख रुपये का बीमा तथा नए वकीलों को 2 वर्ष तक 2 हजार रुपये भत्ता दिए जाने की घोषणा की थी। महाधिवक्ता प्रमुख सचिव न्याय एवं विधि परामर्शी ने इन योजनाओं को पेचीदा बना दिया। बार काउंसिल के चेयरमैन अब्दुल रज्जाक तथा वाइस चेयरमैन अखिलेश अवस्थी ने बताया कि जब योजनाओं को लागू करने की बात आती है तो ये अधिकारी अड़चने लगाते हैं। 
Thanks to Amar Ujala for this news.
Web Link:-

Thursday, 14 August 2014

स्वतंत्रता दिवस - 2014 की हार्दिक शुभकामनाएं

सभी सम्मानित भारत वंशियो को, अधिवक्ताओं को 
और इस ब्लॉग के सुधी पाठकों को 
स्वतंत्रता दिवस - 2014 की हार्दिक शुभकामनाएं
कृपया हमारे भारत की सबसे बड़ी बीमारी "भ्रष्टाचार" को 

खत्म करने का प्रयास करे, 
 ताकि भारत दुनिया का सबसे अच्छा मुल्क बन सके।
!! जय भारत प्रेम !!

Saturday, 5 July 2014

सरकार वकीलों को पेंशन-भत्ता व बीमा सुविधाएं देने को तैयार :-

Sources Amar Ujala, Lucknow, 28-06-2014, Page No.5
लखनऊ। प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को विधान परिषद में आश्वस्त किया कि वह वकीलों को पेंशन-भत्ता व बीमा सुविधाएं देने को तैयार है। सदस्यों के सवाल पर नेता सदन अहमद हसन ने बताया कि इस सिलसिले में प्रक्रिया चल रही है। न्यासी समिति से भी जरूरी जानकारियां मांगी गई हैं। वकीलों को सुविधाएं देने के लिए यूपी वेलफेयर फंड एक्ट में संशोधन करना होगा, जिसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। सदस्यों ने मेजें थपथपाकर इसका स्वागत किया। सभापति गणेश शंकर पांडेय ने कार्य स्थगन सूचना अस्वीकार कर दी। पर, सरकार को अधिनियम में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए।
शून्य प्रहर में कांग्रेस के नसीब पठान, दिनेश प्रताप सिंह, भाजपा के विनोद पांडेय, डॉ. यज्ञदत्त शर्मा और सपा के देवेंद्र प्रताप सिंह ने अलग-अलग सूचनाओं के माध्यम से यह मामला उठाया। सदस्यों ने तर्क दिया कि समाजवादी पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में इसका वादा भी किया था। चुनाव के दौरान पार्टी के नेताओं ने कई बार सरकार में आने पर अधिवक्ता कल्याण निधि बढ़ाने, जूनियर वकीलों को तीन वर्ष तक भत्ता देने और 60 वर्ष की उम्र पूरी कर लेने वाले अधिवक्ताओं को पेंशन देने की घोषणाएं की हैं। सरकार इन्हें पूरा करे। बसपा के गोपाल नारायण मिश्र ने कहा कि बसपा के शासन में 60 करोड़ रुपये दिए गए थे। पर, बाद में इसे घटा दिया गया। कहा कि राज्य सरकार अपने स्तर से भी संबंधित अधिनियम संशोधित करके वकीलों को इसका लाभ दे सकती है।
नेता सदन अहमद हसन ने कहा कि पार्टी पहले भी जब-जब सत्ता में रही तब-तब वकीलों के कल्याण के लिए कई काम किए। वकीलों को पेंशन व भत्ता पर भी प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। न्यासी समिति से वित्तीय व्यय भार की जानकारी मांगी गई है। अधिवक्ताओं के कल्याण संबंधी योजनाओं के बारे पूरी पत्रावली वित्त विभाग को भेजी गई है। सरकार प्रयास कर रही है कि इस सिलसिले में सारी कार्यवाही जल्द से जल्द पूरी करा ली जाए। 
Web Link of Above News:-



Saturday, 14 December 2013

सूचना || अपील :- मताधिकार का प्रयोग अवश्य करे

श्री अशोक कुमार पाण्डेय (अधिवक्ता)
 ~ * ~
हमारी समिति के संस्थापक व संयोजक श्री अशोक कुमार पाण्डेय (अधिवक्ता) आगामी दी बनारस बार एसोसिएशन, वाराणसी (बी.बी.ए.) के वार्षिक चुनाव वर्ष - 2014 में वरिष्ठ उपाध्यक्ष (20 वर्ष से अधिक की वकालत) पद पर अपनी उम्मीदवारी आप सब के सम्मुख रख चुके हैं...!

        आप समस्त सम्मानित अधिवक्ता बंधु उनके द्वारा अधिवक्ता कल्याण/हित के लिए किये गए कार्यो से संतुष्ट हो तो सोच-समझकर कर अपने मताधिकार का उपयोग करते हुए श्री अशोक कुमार पाण्डेय (अधिवक्ता) को उक्त चुनाव में विजयी बनाने का कष्ट करें

सधन्यवाद् 

निवेदक - समस्त सदस्यगण व पदाधिकारीगण
~ * ~
मतदान दिनांक 17-12-2013 को है, 
आप सभी अधिवक्ताओं से निवेदन है कि अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करे
यह राष्ट्र व अधिवक्ता हित में अतिआवश्यक है।

Tuesday, 3 December 2013

Happy Advocates' Day || अधिवक्ता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ.....

अधिवक्ता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। आज के शुभ अवसर पर हमारी समिति स्वतंत्र भारत के पहले राष्ट्रपति “भारत रत्न” डॉ.राजेन्द्र प्रसाद को शत: शत नमन करती है |

स्वतंत्र भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ.राजेन्द्र प्रसाद का जीवन-परिचय:- 26 जनवरी, 1950 को जब भारत को संविधान के रूप में एक गणतंत्र राष्ट्र का दर्जा दिया गया उसी दिन डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के रूप में स्वतंत्र भारत को पहला राष्ट्रपति भी प्राप्त हुआ. राजेन्द्र प्रसाद का जन्म 3 दिसंबर, 1884 को बिहार के एक छोटे से गांव जीरादेई में हुआ था. यह वो समय था जब धर्म के नाम पर भेदभाव जैसी व्यवस्थाएं समाज से पूरी तरह विलुप्त थीं. राजेंद्र जी के भी कई सारे मित्र मुसलमान थे जो उनके साथ मिलकर होली खेलते थे और हिन्दू मुहर्रम वाले दिन ताजिए निकालते थे. एक बड़े संयुक्त परिवार के सबसे छोटे सदस्य होने के कारण इनका बचपन बहुत प्यार और दुलार से बीता. संयुक्त परिवार होने के कारण पारिवारिक सदस्यों के आपसी संबंध बेहद मधुर और गहरे थे. इनके पिता का नाम महादेव सहाय था. डॉ राजेंद्र प्रसाद की प्रारंभिक शिक्षा उन्हीं के गांव जीरादेई में हुई. उस समय यह रिवाज था कि शिक्षा का आरंभ फारसी भाषा से ही किया जाएगा. इसीलिए राजेंद्र प्रसाद और उनके चचेरे भाइयों को पढ़ाने एक मौलवी आते थे. पढ़ाई की तरफ इनका रुझान बचपन से ही था. बाल-विवाह की परंपरा का अनुसरण करते हुए मात्र 12 वर्ष की आयु में इनका विवाह राजवंशी देवी से संपन्न हुआ. राजेंद्र प्रसाद ने अपने लगातार खराब रहने वाले स्वास्थ्य क असर अपनी पढ़ाई पर नहीं पड़ने दिया. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने कलकत्ता विश्विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में पहला स्थान प्राप्त किया. उन्हें 30 रूपए महीने की छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई. जीरादेई गांव से पहली बार किसी युवक ने कलकत्ता विश्विद्यालय में प्रवेश पाने में सफलता प्राप्त की थी जो निश्चित ही राजेंद्र प्रसाद और उनके परिवार के लिए गर्व की बात थी. सन 1902 में उन्होंने कलकत्ता प्रेसिडेंसी कॉलेज में प्रवेश लिया. सन 1915 में कानून में मास्टर की डिग्री में विशिष्टता पाने के लिए राजेन्द्र प्रसाद को सोने का मेडल मिला. इसके बाद उन्होंने कानून में डॉक्टरेट की उपाधि भी प्राप्त की.

डॉ. राजेंद्र प्रसाद का व्यक्तित्व
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का जन्म उस काल में हुआ जब ब्रिटिश साम्राज्यवाद पूरी तरह अपने पांव पसार चुका था. खाने-पीने, कपड़े पहनने से लेकर लगभग हर क्षेत्र में ब्रिटिश छाप महसूस की जा सकती थी. लेकिन राजेंद्र प्रसाद परंपरा के अनुसार हमेशा धोती-कुर्ता और सर पर टोपी पहनते थे. वह एक विद्वान और प्रतिभाशाली पुरुष थे. संयुक्त परिवार में सबसे छोटे होने के कारण राजेंद्र प्रसाद का बचपन बहुत दुलार से बीता था. वह एक दृढ़ निश्चयी और उदार दृष्टिकोण वाले व्यक्ति थे. कायस्थ परिवार से संबंधित होने के कारण राजेंद्र प्रसाद थोड़े रूढिवादी विचारधारा वाले थे. उन्होंने स्वयं स्वीकार किया था कि वह ब्राह्मण के अलावा किसी और का छुआ भोजन तक नहीं खाते थे. उन्होंने अपना यह व्यवहार गांधी जी के संपर्क में आने के बाद छोड़ा था.
राजेंद्र प्रसाद की विशिष्ट उपलब्धियां
  • डॉ राजेन्द्र प्रसाद भारत के एकमात्र राष्ट्रपति थे, जिन्होंने लगातार दो बार राष्ट्रपति का पद प्राप्त किया.
  • राष्ट्रपति के पद पर रहते हुए राजेन्द्र प्रसाद ने सद्भावना के उद्देश्य से कई देशों की यात्राएं भी कीं. उन्होंने इस आण्विक युग में शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया.
राजेंद्र प्रसाद को दिए गए सम्मान
सन 1962 में अपने राजनैतिक और सामाजिक योगदान के लिए उन्हें भारत के सर्वश्रेष्ठ नागरिक सम्मान “भारत रत्न” से नवाजा गया.

राजेन्द्र प्रसाद का निधन
राजनीति से सन्यास लेने के बाद राजेन्द्र प्रसाद ने अपना जीवन पटना के निकट एक आश्रम में बिताया जहां 28 फरवरी, 1963 को उनका निधन हो गया.

Tuesday, 18 September 2012

वाराणसी कचहरी परिसर में अस्पताल भवन का शुभारम्भ :-

दिनांक 17-09-2012 को वाराणसी कचहरी परिसर में अस्पताल भवन का शुभारम्भ हुआ। अस्पताल भवन के निर्माण में मुख्य रूप से सहयोग वाराणसी के सांसद श्री मुरली मनोहर जोशी जी का है और अस्पताल भवन की आधारशिला 2007 में तत्कालीन राज्यसभा सांसद श्री वीरेंद्र भाटिया जी के सहयोग से रखी गयी थी।
वाराणसी का संपूर्ण अधिवक्ता समाज डॉ0 जोशी जी के सदैव आभारी रहेंगा  और स्व0 श्री वीरेंद्र भाटिया जी  का सदैव ऋणी रहेंगा, की उनकी पावन  शुरुआत अस्पताल भवन के रूप में वाराणसी कचहरी परिसर में आज खडी है और अधिवक्ता संतुष्ट व कृतज्ञ हैं।

Friday, 31 August 2012

वाराणसी के अधिवक्ता मुख्यमंत्री को भेजेंगे उनके वादों को पूरा करने का मांग पत्र :-

प्रस्ताव :- "उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अधिवक्ताओं से किये गये पाँचों वादों को पूरा करने के लिए" पर आहूत की गयी बैठक तिथि 28-08-2012 व 31-08-2012 सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। 

आज तिथि 31-08-2012 को स्थगित बैठक 28-08-2012 की कार्यवाही पुन: शुरू किया गया और सर्वप्रथम प्रस्तावक श्री अंशुमान दुबे ने तिथि 28-08-2012 की बैठक के विषय में सदस्यों को बताया। ततपश्चात सम्मानित अधिवक्ता बंधुओं क्रमश: श्री मान बहादुर सिंह, श्री हरीशंकर पाठक, श्री अशोक कुमार सिंह, श्री श्रीनिवास मिश्र, श्री राम मूरत सिंह यादव, श्री निसार अहमद, श्री राम राजीव सिंह, श्री सत्य नारायण द्विवेदी आदि ने अपने विचार सदन के पटल पर रखे। बैठक के अंत में प्रस्तावकगण ने सदस्यओं के विचार व संशोधन को स्वीकार करते हुए संशोधित प्रस्ताव अध्यक्ष श्री अशोक सिंह 'दाढ़ी' व सदस्यओं के समक्ष रखा जिसे अध्यक्ष जी ने सहर्ष स्वीकार करते हुए पारित कर दिया। 

पारित प्रस्ताव की प्रेस विज्ञप्ति निम्न है:-



बैठक के छायाचित्र






Tuesday, 28 August 2012

समाजवादी पार्टी की उ. प्र. सरकार को उसके द्वारा किये गए वादों को याद दिलाने के लिए वाराणसी के अधिवक्ताओं की बैठक :-

आज तिथि 28-08-2012 को दी सेंट्रल बार एसोसिएशन 'बनारस' वाराणसी के सभागार में प्रस्तावक क्रमश: श्री अंशुमान दुबे, श्री अशोक कुमार पाण्डेय, श्री भानु स्वरुप लाल उर्फ़ कुंदन, श्री संजय कुमार श्रीवास्तव, श्रीमती प्रतिमा पाण्डेय पर आहूत की गयी। उक्त आमसभा बैठक की अध्यक्षता दी सेंट्रल बार एसोसिएशन 'बनारस' वाराणसी के अध्यक्ष श्री अशोक सिंह 'दाढ़ी' ने की और संचालन महामंत्री श्री गोपाल जी पाठक ने किया।
बैठक की शुरुआत प्रस्तावक श्री अंशुमान दुबे ने सरकार के प्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर दिए अनाधिकारिक वक्तव्यों के ऊपर सदन का ध्यान आकृष्ट कराया और सदन को यह भी बताया की RTI  के अंतर्गत मांगे गए स्टाम्प बिक्री पिछले 6 वर्षों के और 47 जिलों के आकडे भी प्रस्तुत किये। जिसमें सरकार को कोर्ट स्टाम्प से 196 करोड़, गैर न्यायिक स्टाम्प  से 17975 करोड़, अधिवक्ता कल्याण टिकट से 15 करोड़ तथा नोटरी टिकट से 52 करोड़ की आय हुई है। 
अन्य अधिवक्ताओं ने भी प्रस्ताव के समर्थन में अपने विचार सदन के समक्ष रखे जिसमें मुख्य रूप से श्री इन्द्र पाल सिंह, श्री मुरलीधर सिंह, ओम शंकर श्रीवास्तव, श्री दशरथ प्रसाद, आदि थे। 
बैठक में और भी वक्ताओं के विचार आने है, इसलिए आज की बैठक को तिथि 31-08-2012 के लिए स्थगित कर दिया गया है और बैठक पुन: तिथि 31-08-2012 दिन शुक्रवार को अपराहन 01:30 बजे  आहूत की गयी है। उक्त व्यवस्था अध्यक्ष श्री अशोक सिंह 'दाढ़ी' ने बैठक में दी।
 बैठक के छायाचित्र 










 

Wednesday, 15 August 2012

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें...!!!


15th August :-Happy Independence Day...!!! 
१५ अगस्त :- स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें...!!!  
"अधिवक्ता पेंशन विकास समिति" सभी सम्मानित सदस्यों एवं सभी सम्मानित अधिवक्ताओं और इस ब्लॉग के सुधी पाठकों को "स्वतंत्रता दिवस" की हार्दिक शुभकामनाएं देता है।

Thursday, 31 May 2012

निवेदन : उत्तर प्रदेश के सम्मानित अधिवक्ता बंधुओं से ( for Uttar Pradesh Advocate Welfare Fund Trustee Committee - Lucknow)

उत्तर प्रदेश के सम्मानित अधिवक्ता बंधुओं से
निवेदन
उत्तर प्रदेश के समस्त पंजीकृत अधिवक्ताओं से विनम्र निवेदन है कि, कृपया आप सभी "उत्तर प्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि न्यासी समिति, लखनऊ, उत्तर प्रदेश" के सदस्य बने | ताकि अधिवक्ता कल्याण योजनाओं को लागू करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करने का अधिकार प्राप्त करने में अधिवक्ता हित के लिए प्रयासरत अधिवक्ता संघों की मदद हो सके|

अधिक जानकारी के लिए निम्न फ़ोन संख्या अथवा डाक पते पर संपर्क करने की कृपा करे :-
उत्तर प्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि न्यासी समिति,
कक्ष संख्या 24, बी ब्लाक, दारुलशफा, विधायक निवास, दारुलशफा,
लखनऊ - पिन कोड 226001, उत्तर प्रदेश
फ़ोन न. 0522-2625238


Extract of Magazine printed by Bar council of Uttar Pradesh, Allahabad with the heading of "Advocate Welfare Schemes & Relevant Forms"

 उत्तर प्रदेश में अधिवाक्तों की विभिन्न हितकारी योजानये (Advocate Welfare Schemes in Uttar Pradesh)

Application Form for Membership
U.P. Advocate Welfare Fund Trustee Committee
Lucknow, Uttar Pradesh

Please fill it and send it Lucknow with help of Local District Bar Association.
Thanks a Lot.
Please provide us your valuable support. 

Tuesday, 1 May 2012

Advocate Welfare Schemes in Uttar Pradesh :-

उत्तर प्रदेश में अधिवाक्तों की विभिन्न हितकारी योजानये (Advocate Welfare Schemes in Uttar Pradesh)



















राजद्रोह का अपराध क्या है?

Link:-
http://teesarakhamba.blogspot.com/2010/12/blog-post_28.html

Thnaks to तीसरा खंबा : राजद्रोह का अपराध क्या है?

Our Aim

Our Aim

The Times of India, Kapur : News on Advocate Pension Scheme

The Bihar State Bar Council Advocates' (Welfare) Pension Scheme, 2008